श्री गणेशाय नम: :: श्याम प्रभु खाटू वाले का मुख्य समाचार पत्र ::


मेरी साँस-साँस गाए हरे कृष्ण हरे राम

June 24th, 2008 admin Posted in भजन | No Comments »

मेरी साँस-साँस गाए हरे कृष्ण हरे राम!
रटती जाए पल-पल, हरे कृष्ण हरे राम!

जब ज्ञान की ज्योति जली, अँधियारा दूर हटा।
बस नाम ही नाम दिखा, हरे कृष्ण हरे राम!

मोह-लोभ के दल-दल में, मैं रहा दुखी अशान्त।
सुख शांति का सागर है, हरे कृष्ण हरे राम!

भव बंधन फंद कटा, आवागमन चक्र कटा।
रे मुक्ति की कुंजी है, हरे कृष्ण हरे राम!

तीर्थों का भ्रमण किया, ग्रंथों का मनन किया।
एक सार यही निकला, हरे कृष्ण हरे राम!

अनुभव यह रिषियों का, देवों का मुनियों का।
गुरुमंत्र महान है ये, हरे कृष्ण हरे राम!

कोई जपे बैठकर माला, कोई नाम का ध्यान धरे,
‘प्रभाकर’ भजन करे, हरे कृष्ण हरे राम!

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ओ बाबा शीश के दानी, तेरी शक्ति सबने मानी

June 24th, 2008 admin Posted in भजन | 1 Comment »

:: दोहा ::

ओ बाबा शीश के दानी, तेरी शक्ति सबने मानी।
प्यासी आँखों में भर दे सूरत तेरी मस्तानी॥

:: स्थाई ::

श्याम तेरे भक्तों को, तेरा ही सहारा है,
जब-जब भीड़ पड़ी, तुमको ही पुकारा है।

अपना जिन्हें समझा, वो तो पराए थे,
दुनिया की क्या कहिये, अपनों ने मारा है।

मतलब पूरा किया और फिर दूर हुए,
ऐसे नातेदारों से नाता हमारा है।

किसके दर जाउँ मैं, मुझको अपना ले जो,
दर सारे झूठे हैं, सच्चा तेरा द्वारा है।

कहते हैं दयालु तू, दया दिखला अपनी,
तूने भव सिन्धु से, पापियों को भी तारा है।

तू ही तन, मन, धन है, तू ही मेरा जीवन है,
तेरे बिन अपना नहीं, कहीं भी गुजारा है।

प्यार तेरा चाहूँ मैं, अपनी तमन्ना है,
श्यामसुन्दर’ हमने सुना, भक्तों को प्यारा है।

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