श्री गणेशाय नम: :: श्याम प्रभु खाटू वाले का मुख्य समाचार पत्र ::


संजय प्रभाकर/गायक/सम्पादक

June 21st, 2008 admin Posted in परिचय | 1 Comment »

नाम : संजय प्रभाकर
पिता : स्व. भगवती प्रसाद शर्मा
माता : श्रीमती सुलोचना देवी
जन्म : ०९-०२-१९६७
स्थान : निरसा,धनबाद, झारखंड
शिक्षा : मीडिल स्कूल-गोवरधन कुमार विद्यालय, देवघर
हाई स्कूल-गोवरधन साहित्य उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, देवघर
बीए, इतिहास प्रतिष्ठा-देवघर कॉलेज, देवघर
संगीत प्रभाकर-प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद
एमए ;संगीतद्ध-दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
व्यवसायिक उपलब्धियाँ : टीसीरीज, वीनस, जी म्यूजिक, रामा, मैक्स, सन, ज्योतिर्लिंग कैसेट कम्पनियों से भजनों के अनेक आडियो ऐलबम।
सामाजिक उपलब्धियाँ : देश के विभिन्न गाँवों, शहरों, कस्बों में भजन गायन।
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु अनेकों कार्यक्रम।
सक्रिय नाट्य मंच के अनेकों नुक्क्ड़ नाटकों में संगीत और गायन।
भारत के अनेकों साहित्यकारों की काव्य रचनाओं को संगीत बद्ध कर विभिन मंचों पर गायन।
उन अंदरूणी गाँवों व कस्बों में गायन जहाँ अन्य भजन गायक गायन हेतु उनुपलब्ध रहते हैं।
भाजपा, आरएसएस, संस्कार भारती आदि अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं हेतु गायन।
गद्य/पद्य लेखन : सैकड़ों भक्ति पदों की रचना
बाल कविताएँ
समसामयिक सामाजिक/राजनीतिक महत्व के गीत
हास्य कविताएँ/गीत
देश भक्ति के गीत
संगीत चिकित्सा : सवेरा स्पेशल स्कूल के विशेष बच्चों हेतु पिछले १० वर्षां से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत को चिकित्सा के रूप में उपलब्ध कराना।
संगीत चिकित्सा में महत्वपूर्ण योगदान हेतु भारतीय संगीत चिकित्सा संस्थान की स्थापना करना एवं एक भव्य स्मारिका का प्रकाशन करना।
दिल्ली में ‘धुन म्यूजिक थैरेपी क्लीनिक’ की स्थापना।
सम्पादन : श्री श्याम संसार
जय खाटू श्याम जोत ;मासिक पत्रिका
भारतीय संगीत चिकित्सा संस्थान की स्मारिका
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श्री श्याम संसार

June 21st, 2008 admin Posted in परिचय | No Comments »

श्री श्याम संसार ने अपनी विकास यात्रा जून २००३ में की थी। तब श्री श्याम खाटू वाले की महिमा अनवरत बढ़ती जा रही थी। उन दिनों भारत में हिन्दू धर्म स समबंधित एक भी धार्मिक समाचार पत्र नहीं था। तभी हमने एक धार्मिक समाचार पत्र प्रकाशित करने का निर्णय लिया। स्थानीय स्तर पर प्रारम्भ किए गए ‘श्री श्याम संसार’ ने धीरे-धीरे अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई। श्री श्याम संसार एक ऐसा पहला साप्ताहिक धार्मिक समाचार पत्र बना जिसने श्री श्याम खाटू वाले के साथ-साथ राजस्थान के समस्त लोक देवी-देवताओं और हिन्दू तीर्थों, पर्वों, त्योहारों से सम्बन्धित समाचारों और जानकारियों को जनता तक पहुँचाने का सफल प्रयास प्रारम्भ किया।
श्री श्याम संसार की प्रकाशिका मेरी पूज्या माताजी श्रीमती सुलोचना देवी हैं, जो एक कुशल गृहिणी हैं। मेरे पिता स्व. भगवती प्रसाद शर्मा थे। जिनका जन्म राजस्थान के नीम का थाना तहसील में किशोरपुरा गाँव में हुआ था। उनका बचपन वर्त्ततमान झारखंड के वैद्यनाथधाम तीर्थ में बीता था। वह अपने समय के मघावी विद्याथी, डबल एम. ए और विख्यात स्पाट्स मैन थे। वह एक साहित्याकार भी थे। हास्य रस की उनकी कविताएँ उन दिनों की श्रेष्ठ हास्य कविताएँ थीं। उनका निधन यूरीन ब्लैडर में कैंसर से दिल्ली में हुआ।
पिता की साहित्य में गहरी अभिरूचि ने ही मुझे भी सम्पादन की ओर आकृष्ट किया। मैंने देवघर कॉलेज, देवघर से इतिहास में बीए. ऑनर्स किया था। उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय सं हिन्दुस्तानी शाद्द्वीय संगीत में एम. ए. किया। शिक्षाक्रम में मुझे लिखने-पढ़ने में अत्यंत ही रुचि थी। मेरे बनाए गए नोट्स मेरे कुछ सहपाठी मित्रा पढ़कर परीक्षा पास करते थे। मैंने लेखन विधा की अपनी उसी रुचि को श्री श्याम संसार में अपनाया। शीघ्र ही श्री श्याम संसार अपनी उत्कृष्ट लेखन शैली के कारण हिन्दुस्तान का प्रमुख धार्मिक साप्ताहिक समाचार पत्र बन गया। श्री श्याम संसार ने विशेषकर श्री श्याम प्रभु खाटू वाले से जुड़े विषयों को प्रकाशित किया देश भर व्याप्त उनके भक्तों को खाटूश्यामजी की सही जानकारी समय पर विश्वसनीयता के साथ मिल पाई। आज हिन्दू धर्म से जुड़ा कोई भी विषय हो श्री श्याम संसार उनपर अपने विचार व्यक्त करता है, जिसे देश भर के पाठक सुरुचिपूर्वक पढ़ते हैं।
मार्च, २००८ श्री श्याम संसार के लिए ऐतिहासिक रहा। फाल्गुन शुक्ल एकादशी अर्थात सोमवार, १७ अप्रैल को श्याम संसार डाट काम का शुभारम्भ किया गया। इस वेबसाईट ने हिन्दुस्तान के धर्म संसार को संसार के हर व्यक्ति से जोड़ दिया। पहलीबार फाल्गुन मेले की ताजा झलकियाँ सबसे पहले श्याम संसार डाट काम पर प्रसारित की गईं।
-संजय प्रभाकर
मुख्य सम्पादक

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