
खाटूश्यामजी : श्री बालाजी बाल परिवार मण्डल (ग्वालियर) द्वारा श्री श्याम मंदिर समिति (पंजी.) के सान्निध्य में ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ खाटूश्यामजी में 20-21-22 जुलाई 2010 को श्री श्याम मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। श्री श्याम मनुहार महोत्सव का मुख्य उद्देश्य श्री श्याम मंदिर के नव निर्माण एवं विस्तार में आ रही अदालती अड़चनों को दूर कर भक्तों द्वारा श्री श्याम मंदिर का विस्तार कार्य शीघ्र आरम्भ करवाने हेतु श्री श्याम बाबा खाटू वाले से मनुहार करना था। 21 जुलाई को कानोडिया कोठी से रिक्त हुए स्थान पर आयोजित रात्रि जागरण एवं भजनों द्वारा श्री श्याम प्रभु की मनुहार करते हुए ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के मुख्य संयोजक श्री पप्पू शर्मा ने हजारों दर्शनार्थियों के बीच कहा कि श्री श्याम बाबा के मंदिर का विस्तार करना भक्तों का कार्य है। श्री श्याम बाबा भक्तों के सभी कार्य बनाते हैं। अत: करोड़ों भक्तों की सुविधार्थ श्री श्याम बाबा कृपापूर्वक मंदिर विस्तार के कार्य में आ रही अदालती बाधाओं को समाप्त कर विस्तार कार्य के मार्ग को प्रशस्त करें।
श्री श्याम मनुहार महोत्सव निर्धारित समयानुसार रात्रि 9 बजे श्री श्याम प्रभु की पवित्रा ज्योति के प्रज्ज्वलन के साथ आरम्भ हो गया। शास्त्रीय श्याम भजन गायक श्री संजय प्रभाकर ने राग शुद्धकल्याण पर आधरित श्री गणेश वन्दना के गायन से ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ का शुभारम्भ किया- ‘म्हे गणपत नै प्रथम मनावाँ, श्याम मनुहार महोत्सव माँही।’ श्री संजय प्रभाकर ने ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के मंच से इतिहास रचते हुए पहलीबार शास्त्रीय राग-रागनियों पर आधरित भजनों का गायन किया। तत्पश्चात श्री श्याम भक्त कवि एवं गायक श्रद्धेय कुंजबिहारीजी (वृंदावन) ने ‘राधरानी के नथ पर मोर नाचे, मोर नाचे चितचोर नाचे’ गीत गाकर उपस्थित भक्त समुदाय को रसविभोर कर दिया।
श्री श्याम मनुहार महोत्सव में मुख्य रूप से भजन गायन कर रहे प्रख्यात भजन गायक श्री पप्पू शर्मा (खाटूवाले) ने श्री श्याम मनुहार का उद्देश्य समझाते हुए महोत्सव का शीर्षक गीत ‘श्याम मनुहार महोत्सव है’ गाया तो भजन गी लय पर तालियाँ बजाते एवं नृत्य करते हुए हजारों श्याम भक्त-प्रेमियों’ ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के स्वर में अपना स्वर भी सम्मिलित किया। श्री पप्पू शर्मा ने 3.30 घंटे से भी अधिक समय तक गायन किया। उन्होंने जब तक भजन गाया एकादशी की रात्रिा में दर्शनार्थी भक्तों की पंक्ति थम गई थी। मंच के सामने पंक्तिबद्ध हजारों दर्शनार्थी भक्तों ने उस समय श्री श्याम प्रभु के दर्शन करने से अच्छा मंदिर विस्तार की बाधओं को दूर करने हेतु श्री श्याम प्रभु से मुनहार कर रहे भक्तों के साथ मिलकर मनुहार के भाव को अपना भरपूर समर्थन देना उचित समझा।
वृंदावन से आमंत्रिात साधिव पूर्णिमा, श्री मनोज शर्मा (ग्वालियर) एवं श्री दासमहेन्द्र निजामपुरिया, श्री कुमार भविष्य, कुमारी सपना शर्मा ने भी भजनों की अमृतवर्षा के माध्यम से ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के भाव को पुष्ट किया। ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के अन्तर्गत रात्रि जागरण एवं भजन-संकीर्तन का महोत्सव प्रात: 4 बजे के स्थान पर 6.30 बजे के बाद समाप्त हुआ।
‘श्री श्याम मनुहार माहेत्सव’ में श्री श्याम मंदिर समिति (पंजी.) के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह चौहान, मंत्री श्री प्रताप सिंह चौहान एवं कोषाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह चौहान ने अपना सान्निध्य प्रदान किया। सीकर जिला के कलैक्टर, अतिरिक्त जिला कलैक्टर एवं एडीशनल जिला कलैक्टर भी ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ में उपस्थित हुए। देश के विशिष्ट श्याम भक्तों यथा श्री पदमकुमार परसरामपुरिया, श्री बाबूलालजी दीवान, श्री रामकुमारजी, श्री शुभकरण करनानीजी, श्री रामनिवास गुप्ता, श्री विज्येंद्र जैन, श्री संजीव मित्तल, श्री सुरेश पंडित, श्री अजय शर्मा, श्री विजय शर्मा (श्री श्याम प्रेम मंडल, दिल्ली), श्री निर्मल खरकिया (कोलकाता), श्री दिनेश जिंदल आदि ने श्री श्याम मनुहार महोत्सव को अपना समर्थन दिया। इन सभी श्याम भक्तों को श्री श्याम मंदिर समिति (पंजी.) द्वारा प्रतीक चिन्ह, पुष्प माला एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। श्री लाला सेठजी सहित अनेकों खाटूग्राम वासियों ने भी ‘रात्रि जागरण’ में अपनी उपस्थिति प्रदान की और ‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के भाव को प्रगाढ़ किया।
‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ तीन चरणों में सम्पन्न हुआ। प्रथम चरण में 20 जुलाई को प्रात: 6 बजे रींगस स्थित परसरामपुरिया विश्राम भवन से एक विशाल श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा का शुभारम्भ हुआ। श्री बालाजी बाल परिवार मण्डल (ग्वालियर) एवं श्री पप्पू शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा में श्री श्याम प्रभु के निमित्त 108 धवजाएँ, श्री हनुमानजी के निमित्त 5 धवजाएँ एवं पाँच देवों के निमित्त एक विशाल पचरंगी ध्वजा सम्मिलित की गई थी। ध्वजा यात्रा में 1500 पदयात्रियों ने हिस्सा लिया। पचरंगी ध्वजा लेकर श्री पप्पू शर्मा सबसे आगे चल रहे थे। श्री बालाजी बाल परिवार मण्डल (ग्वालियर) के श्री संजीव गर्ग के मार्गदर्शन में सभी पदयात्री ‘ओम श्री श्यामदेवाय नम:’ महामंत्र का जाप करते हुए खाटूश्यामजी की ओर बढते जा रहे थे। तभी एक चमत्कारित घटना सामने आई, ध्वजायात्रा के साथ-साथ तोतों का एक विशाल झुंड ध्वजा पथ के दोनों ओर लहरा रहे नीम के पेड़ों के उपर आधे रास्ते तक उड़ते हुए चले। सभी श्याम भक्तों ने इस घटना को एक शुभ संकेत के रूप में देखा।
10 किमी पर श्री श्याम धवजा पदयात्रा ने विश्राम हेतु पड़ाव डाला। तभी आकाश में मंडरा रहे काले बादलों ने बरसना आरम्भ कर दिया। परन्तु पदयात्रिायों ने भीषण वर्षा में भी पदयात्रा को अनवरत रखा। इसके पश्चात खाटूश्यामजी तक वर्षा होती रही। तोरणद्वार के समीप से सभी पदयात्री एकसाथ श्री श्याम मंदिर की ओर बढ़े। पचरंगी धवता लिये श्री पप्पू शर्माजी एवं मोरछड़ी लहराते हुए श्री संजीव गर्गजी पदयात्रियों का नेतृत्व करते हुए बढ़ रहे थे। सभी धवजाएँ अपने निर्धारित स्थानों पर ‘ओम श्री श्यामदेवाय नम:’ महामंत्र के जाप के साथ फहरा दी गईं।
21 जुलाई को दोपहर दो बजे श्री पप्पू शर्मा जी के निवास ‘माँ’ से श्री बालाजी बाल परिवार मण्डल (ग्वालियर) के सदस्यों के साथ एक शोभायात्रा दोपहर 2 बजे श्री श्याम मंदिर की ओर प्रस्थित हुई। इस शोभायात्रा में श्री श्याम बाबा के श्रंगार हेतु पोशाक, चाँदी का घंटा, चाँदी की गदा आदि श्री श्याम प्रभु को समर्पित की गई। संध्या समय गुलाबी पोषाक में श्री श्याम प्रभु का श्रंगार अत्यंत ही मनमोहक लग रहा था।
‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के तृतीय चरण में 22 जुलाई को महोत्सव स्थल पर विशाल भंडारा आयोजित किया गया। हजारों श्याम प्रेमियों ने बैठकर बारी-बारी से दाल, बाटी, चूर्मा, रायता आदि का प्रसाद पाया।
‘श्री श्याम मनुहार महोत्सव’ के तीन दिवसीय महाआयोजन ने देश के प्रत्येक श्याम प्रेमी-भक्तों को आश्वस्त किया कि श्री श्याम बाबा करोड़ों भक्तों की मनुहार को अवश्य सुनेंगे ताकि श्री श्याम मंदिर के समुचित विस्तार का मार्ग शीघ्र प्रशस्त हो सके।







