बंगला भाषा में प्रथम श्याम भजन, मित्र एवं सेवा मंडलों में गाया गया : संजय प्रभाकर ने रचा इतिहास

खाटूधाम : श्री श्याम बाबा खाटू वाले कि महिमा अपरम्पार है। जैसे-जैसे युग बदलता है, श्याम बाबा के भजन गायकों और भजन रचने वाले भी नये-नये आ जाते हैं। ऐसे ही कवि व गायक के रूप में संजय प्रभाकर भी उभर रहे हैं। पश्चिम बंगाल श्याम बाबा खाटू वाले के भक्तों, गायकों और कवियों का गढ मान जाता रहा है। किन्तु इतिहास में पहलीबार ऐसा हुआ है कि बंगला भाषा में श्याम बाबा खाटू वाले का भजन लिखा एवं गाया गया है। साऊथ कोलकाता के श्री श्याम भक्त मंडल ने कोलकाता से खाटूधाम की पदयात्रा आयोजित की है। इसी पदयात्रा के लिये संजय प्रभाकर ने बंगला भाषा में खाटू श्याम भजन लिखने का विचार बनाया। भजन लिखा गया और पदयात्रा क्रम में गाया भी गया। खाटू में पहलीबार जनवरी-09 की शुक्ल एकादशी तिथि को श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम सेवा मंडल में यह भजन गाया गया। बंगला भाषा में गाया गया यह भजन, श्याम भजन प्रेमियों को इतना अधिक भाया कि कोई भी इस भजन के प्रति अपनी भावना व्यक्त करने से रोक नहीं पाया। श्री संजय प्रभाकर ने बताया कि वह इस भजन को श्री श्याम सेवा मंडल के दिसम्बर 08 के वार्षिक महोत्सव में गाना चाह्ते थे, पर समयाभाव के कारण नहीं गा पाये। श्री श्याम सेवा मंडल के श्री रवि भालोटिया ने बताया कि सेवा मंडल के महोत्सव में श्री भार्गवजी के बाद यह भजन गाया जाता तो वहाँ उपस्थित बंगाली श्याम भक्तों को अच्छा लगता।श्री राजेन्द्र झँवर ने कहा कि बंगला भाषा में लिखा एवं गाया गया यह श्याम भजन अद्वितीय है। श्री विजय झुंन्झुनवाला ने भी भजन के बोलों के साथ नाच कर अन्य भक्तों के साथ भजन का भरपूर आनन्द लूटा। भजन गायक श्री संजय मित्तल ने भी बंगला भाषा में श्री संजय प्रभाकर द्वारा गाये गये भजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रभाकरजी को बंगला भाषा का ज्ञान होना एवं उसका विशुद्ध उच्चारण ही अचम्भित करने वाला है। भजन इस साईट में दिया गया है।
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