श्री गणेशाय नम: :: श्याम प्रभु खाटू वाले का मुख्य समाचार पत्र ::


रामसेतु ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर एवं रामेश्वरम् ‘पवित्र तीर्थ नगर’ घोषित हो

दिल्ली : ‘राम सेतु रक्षा मंच’ ने राजधनी दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में स्थित विशाल स्वर्ण जयंती पार्क में 30 दिसम्बर 2007 को एक महा विशाल रैली का सफलतम आयोजन किया। 15 लाख से भी अध्कि राम भक्त रैली समापन तक पार्क में उपस्थित थे, जबकि इससे भी अधिक राम भक्त रैली स्थल तक समय पर इसलिए नहीं पहुँच सके, क्योंकि इस दिन दिल्ली पुलीस ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए गहन सुरक्षा घेरे बना रखे थे। रैली में बनाए गए तीन अलग-अलग विशाल मंचों पर साधु-संतों, मुख्य वक्ताओं, अतिथियों, जगद्गुरु शंकराचार्यों, हिन्दू संगठनों के मुख्य पदाधिकारियों एवं तीसरे मंच पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं राजनेताओं को उपस्थित देखा गया। रैली में आम जनता के माधयम से वर्तमान यूपीए सरकार तक निम्न बातों को पहुँचाने का सफल प्रयाय किया गया-

1. हम संकल्प करते हैं कि श्रीराम सेतु का कदापि नष्ट नहीं होने देंगे।

2. वाल्मीकी रामायण के 22वें सर्ग में श्रीराम सेतु के निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया और सामग्री का विशद विवरण है।

3. भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री रामेश्वर ज्योतिर्लिंग का मूल नाम सेतूबंध् रामेश्वर है।

5.  रामसेतु की प्रामाणिकता का एक आधार यह भी है रामनाथपुरम के 1972 में जारी किए गए एक सरकारी गजट के अनुसार श्रीराम सेतु को ‘रामार पालम्’ अर्थात रामसेतु लिखा गया है और वहाँ के राजा का ‘सेतुपति’ की उपाध् दी जाती है।

6. भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का तात्पर्य आदि तीर्थंकर भगवान रिषभदेव, भगवान बुद्द तथा भगवान श्रीराम के पुत्राद्वय लव एवं कुश द्वारा प्रवर्तित बेदी और सोढ़ी वंश में अवतीर्ण हुए गुरुनानकदेवजी एवं गुरुगोविन्द सिंहजी, महाराणा प्रताप तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के अस्तित्व को भी अस्विकार करना होगा।

7. श्रीराम सेतु का विध्वंस भारत की अस्मिता और आसथा का विध्वंस है।

8. केन्द्र सरकार का वकतव्य है कि वह श्रीरामसेतु को तोड़कर चैनल (एसएससीपी) बनाने के अपने अविवेकपूर्ण निर्णय को तुरन्त रद्द करने की घोषणा करे और भगवान श्रीराम को अनैतिहासिक और काल्पिनिक बताने वाले अपने आधिकारिक शपथ पत्र के लिए राष्ट्र से क्षमायाचना करे।

9. सरकार को चाहिये कि रामेश्वरम समुद्र में स्थित श्रीरामसेतु को ऐतिहासिक संरक्षित ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया करे।

10. रामेश्वरम् को पवित्र तीर्थ नगर घोषित करना चाहिये जिससे श्रीराम सेतु की सुरक्षा पर भविष्य में किसी प्रकार का संकट न आए।

11: यदि वर्तमान सरकार ने श्रीराम सेतु को तोड़ने पर कायम रही तो विश्वव्यापी उग्र आन्दोलन किया जाएगा। रैली में मंचासीन हिन्दू नेता श्री प्रवीण तोगड़िया, साध्वि रितंभरा एवं श्री अशोक सिंहल ने उपस्थित जन समुद्र से रामसेतु की रक्षार्थ लाखों मुट्ठियाँ तनवाकर संकल्प लिया कि सभी तन-मन-धन से रामसेतु की रक्षा करेंगे।


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