पश्चिम बंगाल : इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि कोलकाता श्याम भक्तों की राजधानी है। किन्तु कोलकाता में श्याम मंदिरों की संख्या अभी उँगलियॉ पर भी नहीं है। यदि हावडा को कोलकाता में सम्मिलित मान लिया जाए तो हावड़ा का घुसुड़ीधाम श्याम मंदिर कोलकाता का सबसे अधिक ख्याति प्राप्त श्री श्याम मंदिर है।
परन्तु अब कोलकाता की चौहद्दी के अंदर खाटूश्यामजी के मंदिरों के निर्माण का शुभारम्भ होने लगा है। सन् 2004 में संस्थापित ‘राधिका महिला मंडल’ कोलकाता 18 के आकड़ा फाटक के समीप ही ‘ओम शिव मंदिर’ में एक भव्य श्याम मंदिर का निर्माण कर रहा है। ‘राधिका महिला मंडल’ में 25 महिला सदस्य हैं और सभी मिलकर तन-मन-धन से श्री श्याम मंदिर के निमार्ण में संलग्न हैं। 5 दिसम्बर को पं. विनय शर्मा के साथ सम्पादक संजय प्रभाकरजी ने आकड़ा फाटक स्थित निर्माणाधीन श्री श्याम मंदिर का अवलोकन किया। कोलकाता महानगर से सुदूर श्री श्याम मंदिर का निर्माण कार्य को देखकर पता चला कि इस मंदिर के निर्माण हेतु ‘राधिका महिला मंडल” को धन की आवश्यक्ता है। वस्तुत: मंदिर आदि का निर्माण समाज के सामुहिक प्रयासों से ही सम्भव हो पाता है।
‘राधिका महिला मंडल’ की मुख्य सदस्या श्रीमती राजदुलारी देवी शर्मा, श्रीमती रेशमी शर्मा, श्रीमती बादामी देवी विजयवर्गीय, श्रीमती प्रेमा देवी विजयवर्गीय, श्रीमती सुमन मूंदड़ा, श्रीमती सरोज खंडेलवाल आदि हैं। श्रीमती राजदुलारी देवी शर्मा ने बताया कि मंदिर साढ़े तीन कट्ठा भूमि पर बन रहा है।
श्री श्याम मंदिर हेतु श्री श्याम प्रभू खाटू वाले की प्रतिमा के लिए श्री नाथूलालजी विजयवर्गीय ने विशेष सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया है। ‘राधिका महिला मंडल’ के अनुसार मात्रा 10 लाख रुपयों में आकड़ा फाटक के समीप एक भव्य और विशाल एवं भव्य श्री श्याम मंदिर बन सकता है। पं. विनय शर्मा ने श्री श्याम संसार के माध्यम से कोलकाता के समस्त श्याम भक्तों और प्रेमियों से अपील की है कि वह आकड़ा फाटक पर निर्माणाधीन श्री खाटूश्यामजी मंदिर के निर्माण में यथाशीघ्र अपना योगदान प्रदान कर हारे के सहारे की विशेष कृपा के पात्रा बनें। अवलोकन क्रम में श्री बनवारीलालजी शर्मा एवं श्री विश्वनाथजी शर्मा भी उपस्थित थे।





