पुजारी
श्री वंशीधर पुजारी, श्री महेन्द्र पुजारी, श्री दीपक पुजारी, श्री बजरंग सिंह चौहान, श्रीरामलाल पुजारी।
आरती-समय
ग्रीष्म काल में : प्रातः ८ बजे एवं सायं ७.३० बजे।
शीतकाल में : प्रातः ८.३० बजे एवं सायं ६.० बजे।
जीणधाम के अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थल
काजल सिकरा : पहाड़ी के उपर ४५१ सीढ़ियाँ। भँवरों की रानी का मंदिर नीचे, जीणमाताजी के गुरुजी का धूणा, बटक भैरूँजी का मंदिर, जीणकुंड-इसके जल से माताजी को प्रतिदिन स्नान कराया जाता है, तथा इसी के जल से भोग बनाया जाता है। जीणकुंड में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश वर्जित है।
जीणमाता मंदिर का समय
प्रतिदिन प्रातः ४ बजे से रात्रि १० बजे तक। नवरात्रा के दिनों में मंदिर २४ घंटे खुला रहता है।

